Popular TV show Shark Tank India lost Rs 100 crores, these contestants are the reason, know what is the whole matter

शार्क टैंक इंडिया का तीसरा सीज़न चल रहा है और अब तक इसके 8 एपिसोड दर्शकों को दिखाए जा चुके हैं। जैसा कि आप जानते हैं कई मशहूर बिजनेसमैन नए और उभरते स्टार्टअप्स में पैसा लगाते हैं और उन्हें नई राह दिखाते हैं। हालांकि अब ये शो इसी वजह से विवादों में आ गया है. दरअसल, हाल ही में 30 जनवरी 2024 को शो में कश्मीर के दो लड़के हमाद और साद आए थे और उन्होंने शार्क को बताया था कि उनकी कंपनी कश्मीर विलो बैट बनाती है और वे ही भारत में यह काम करते हैं। 

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ऐसे में इस दावे पर भारी विवाद हो रहा है और ‘द क्रिकेटर बैट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ कश्मीर’ यानी सीबीएमएके ने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स के साथ-साथ इसमें आए दोनों प्रतियोगियों को कानूनी नोटिस भेजा है। तो आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला। कश्मीर के दो लड़के हमाद और साद 30 जनवरी, 2024 को शार्क टैंक इंडिया पर आए थे और उन्होंने शार्क को जो पिच पेश की, उसमें उन्होंने कहा था कि वे कश्मीर में एकमात्र बैट निर्माता हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि वह घाटी में अकेले हैं जो ‘ट्रंबू कश्मीर विलो क्रिकेट बैट’ बनाते है। 

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अब सीबीएमएके के मुताबिक, इन दोनों ने शो में कहा कि वे कश्मीर की क्रिकेट बैट मेकिंग इंडस्ट्री में सबसे आगे हैं, जो पूरी तरह से गलत है. क्रिकेट बैट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ कश्मीर ने कहा कि वे लंबे समय से इस पर काम कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने झूठी खबर के लिए सोनी टीवी को कानूनी नोटिस दिया है और 15 दिनों के भीतर जवाब भी मांगा है। क्रिकेट बैट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ कश्मीर यानी सीबीएमएके ने कहा है कि शो में आए लड़के हमाद और साद पूरी तरह से झूठे हैं और उन्होंने अपनी कंपनी को नंबर वन बताया जो कि पूरी तरह से गलत है। 

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ऐसे में एसोसिएशन ने इस पर आपत्ति जताते हुए यह नोटिस भेजा है. सीबीएमएके ने सोनी से 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है और माफी भी मांगी है. एसोसिएशन ने कहा, ‘अगर चैनल ने समय सीमा के भीतर माफी नहीं मांगी तो उसे 100 करोड़ रुपये का मुआवजा देना होगा।’ सीबीएमएके ने कहा, ट्रंबू स्पोर्ट्स क्रिकेट बैट नहीं बनाता है। बल्कि वह विलो बैट का स्टॉकिस्ट और डीलर है।


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