Virat Kohli Birthday: विराट कोहली आखिर क्यों पहनते हैं 18 नंबर की जर्सी, जानें इसका महत्व

Virat Kohli Birthday: भारतीय क्रिकेट टीम के हर खिलाड़ी की जर्सी पर एक खास नंबर होता है और पीछे एक खास कहानी भी होती है। लेकिन हम बात करेंगे भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के जर्सी नंबर के बारे में। आज विराट कोहली का जन्मदिन (Happy Birthday Virat Kohli) है।

विराट के जीवन में कई बदलाव आए लेकिन वो एक चीज जो अबतक नहीं बदली, वो है उनकी ‘जर्सी नंबर’ (Virat jersey Number)। विराट कोहली (Virat Kohli) की जर्सी नंबर के बारे में बताने से पहले आपको यह बता दें कि, विराट कोहली का जन्म 05 नवंबर 1988 को दिल्ली में हुआ।

विराट कोहली 35 साल के हुए

आज कोहली अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं। भारत के लिए उन्होंने रनों का अंबार लगाते हुए कई रिकॉर्ड्स बनाएं। इंटरनेशनल क्रिकेट में उनकी तरह शतक आजतक किसी ने नहीं जड़ा। इसलिए कोहली ग्रेटेस्ट ऑफ द गेम (GOAT) कहलाएं। आज के मैच में शतकों के मामले में शायद सचिव तेंदुलकर की बराबरी कर लें।

आज हम विराट कोलही के स्कोर, जीवन, लव लाइफ, कुल संपत्ति आदि के बारे में नहीं बल्कि उनके जर्सी के बारे में बात करेंगे, ताकि आपको भी पता चले कि आखिर विराट कोहली 18 नंबर की ही जर्सी क्यों पहनते हैं तो आइये आपको बताते हैं आखिर क्यों विराट कोहली पहनते हैं ‘18’ नंबर की जर्सी।

आमतौर पर सभी खिलाड़ी अपनी जर्सी पर नंबर लिखवाते हैं, जोकि उनका लकी नंबर या फिर बर्थ नंबर होता है। लेकिन 18 नंबर न ही कोहली का बर्थ नंबर है और ना ही लकी नवंबर। कोहली का लकी नंबर 9 है और उनका बर्थ डेट 5 है। इसके बाद भी वे 18 नंबर की जर्सी पहनते हैं। इसका कारण जानकर आप भावुक हो जाएंगे।

इस कारण कोहली पहनते हैं 18 नंबर की जर्सी

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Virat Kohli/PTI

विराट कोहली ने जब अपनी कप्तानी में अंडर-19 का वर्ल्ड कप जीता था, तब उन्होंने 18 नंबर की जर्सी पहनी थी। 2006 में कोहली के पिता की मृत्यु 18 दिसंबर को हुई थी। पिता की मृत्यु वाले दिन विराट रणजी का मुकाबला खेल रहे थे।

उनके पिता का सपना था कि, विराट इंटरनेशनल क्रिकेट खेले। इसलिए 2008 में जब विराट ने भारत के लिए डेब्यू किया तो पिता प्रेम और पिता की याद के लिए हमेशा इसी नंबर की जर्सी पहनते हैं, जोकि उनके लिए लकी भी है। बतौर कोहली, ये नंबर उन्हें पिता के करीब होने का एहसास दिलाता है।

अंक शास्त्र में खास है 18 नंबर

18 को विशेष और शुभ अंक माना गया है. अंक ज्योतिष के लिहाज से इसका योग 9 है, यानी 1+8=9। अंक शास्त्र में 9 अंक को बहुत पावरफुल अंक माना जाता है। 9 अंक का संबंध मंगल ग्रह से होता है।

हिंदू धर्म में 18 नंबर का महत्व

  • हिंदू धर्म में 18 नंबर का विशेष महत्व है। क्योंकि धर्म से जुड़ी सिद्धियों (अणिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, महिमा, सिद्धि, ईशित्व अथवा वाशित्व, सर्वकामावसायिता, सर्वज्ञ, दूरश्रवणा, सृष्टि, परकायप्रवेशन, वाक्सिद्धि, कल्पवृक्षत्व, संहारकरणसामर्थ्य, भावना, अमरता, सर्वन्यायकत्व) की कुल संख्या भी 18 है।
  • हिंदू धर्म की विद्याएं (छ वेदांग, चार वेद, पुराण, मीमांस, न्यायशास्त्र, धर्मशास्त्र, अर्थशास्त्र, धनुर्वेद और गंधर्ववेद) भी 18 प्रकार की हैं।
  • काल के भी 18 भेद हैं, जिसमें एक संवत्सर, पांच ऋतुए और 12 मास शामिल है।
  • श्रीकृष्ण का संबंध भी 18 अंक है, क्योंकि गीता में 18 अध्याय हैं और ज्ञान सागर में भी 18 हजार श्लोक हैं।
  • मां भगवती के भी 18 स्वरूप और 18 भुजाएं हैं। मां भगवती के 18 स्वरूप हैं- काली, तारा, छिन्नमस्ता, षोडशी, त्रिपुरभैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कूष्मांडा, कात्यायनी, दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, गायत्री, पार्वती, श्रीराधा, सिद्धिदात्री और भगवती।
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